geeton ke badal-[5]
मंगलवार, 1 फ़रवरी 2011
वक्त पीछे जा रहा है,कुछ नहीं आगे बचा है,
प्यार के कुछ खंडहरों में जिन्दगी खोने लगी है ,
1 टिप्पणी:
bhavnayen
26 फ़रवरी 2011 को 2:59 am बजे
v nice
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